
भुवनेश्वर, ओडिशा में आगामी पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजू जनता दल ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के नेतृत्व में छात्र, युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और श्रमिक मोर्चों का पुनर्गठन किया जा रहा है।
राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि हाल ही में पार्टी में शामिल हुईं पूर्व नौकरशाह सुजाता कार्तिकेयन के इर्द-गिर्द एक नई ‘कोर टीम’ तैयार की जा रही है।सुजाता कार्तिकेयन को केवल एक साधारण कार्यकर्ता तक सीमित न रखकर आने वाले दिनों में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी देने की योजना बनाई जा रही है। घोषित की जा रही नई समितियों की सूची में नए और जमीनी स्तर के युवा चेहरों को तवज्जो दी जा रही है।

25 जून को सुजाता के औपचारिक रूप से BJD में शामिल होने के बाद से पार्टी मुख्यालय ‘शंख भवन’ में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। विभिन्न जिलों के नेता और कार्यकर्ता लगातार उनसे मुलाकात कर रहे हैं। पिछले कुछ समय में कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के कारण, इस बार संगठन में अनुशासन और निष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सुजाता का समर्थन करने वाले कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में पुरस्कृत भी किया गया है; जैसे कटक के मेयर सुभाष सिंह को ‘बीजू श्रमिक सम्मुख्य’ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक बड़ा वर्ग अभी भी सुजाता के सीधे प्रभाव और हस्तक्षेप को आसानी से स्वीकार नहीं कर पा रहा है। ऐसे में पुराने और असंतुष्ट नेताओं को एकजुट कर साथ लेकर चलना शीर्ष नेतृत्व और सुजाता के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
विभिन्न शाखा संगठनों की समितियों की घोषणा तो हो रही है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से राज्य कार्यकारिणी और राज्य परिषद का गठन पूरा होने के बावजूद उनकी औपचारिक घोषणा बाकी है। अब देखना यह होगा कि ये नए चेहरे और नया संगठन आगामी पंचायत चुनावों में सत्ताधारी भाजपा को कैसे कड़ी टक्कर देते हैं।







