नई दिल्ली, टीएमसी के बागी सांसदों ने आखिरकार नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया ( NCPI ) में अपना विलय कर लिया है। ऐसे में अब लोगों के मन में सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर ये NCPI है क्या, ये पार्टी किन राज्यों में काम करती है और इसकी स्थापना आखिर कब हुई। आइए आपको विस्तार से बताते हैं।

एनडीए सरकार को समर्थन देगी NCPI
दरअसल, नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) त्रिपुरा की एक छोटी राजनीतिक पार्टी है। इसका वोटर बेस बंगाली समुदाय ही माना जा रहा है। पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA के साथ मिलकर काम करेगी। ये पार्टी एनडीए सरकार को अपना समर्थन देगी। टीएमसी सांसदों के इसमें विलय के बाद इस पार्टी को राज्य में काफी मजबूती मिलेगी।
बंगाली भाषी लोगों का नेतृत्व करती है पार्टी
इस नई सियासी पार्टी और गठबंधन का मुख्य राजनीतिक केंद्र पश्चिम बंगाल के अलावा त्रिपुरा और असम जैसे राज्य होंगे। नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी है। यह एक मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है। इस राजनीति पार्टी की खासियत यह है कि यह नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में भी बंगाली बोलने वाले नागरिकों को प्रतिनिधित्व करती है।
बागी गुट ने टीएमसी पर नहीं छोड़ा दावा
टीएमसी के बागी सांसदों ने एनसीपीआई में अपना विलय जरूर कर दिया है, लेकिन उन्होंने अभी असली टीएमसी पर अपना दावा नहीं छोड़ा है। बागी सांसदों का कहना है कि अदालत तय करेगी कि असली तृणमूल कांग्रेस पार्टी कौन सी है। उन्होंने फिलहाल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी में अपना विलय कर लिया है।







