FOOD; आफ लाइन खाद्यान्न वितरण से सोसायटियों मनाही की तो एजेंसी बदला जा रहा

0 दिसंबर माह का खाद्यान्न वितरण हो गया , नवंबर का अटका पड़ा है
रायपुर, सोसायटियों द्वारा संचालित राशन दूकानों से उपभोक्ताओं को दिसंबर माह का खाद्यान्न तो ई पास मशीन से मिल गया है लेकिन नवंबर माह का खाद्यान्न सभी उपभोक्ता को नहीं मिल पाया है । ऐसे बचे उपभोक्ताओं को उनके हक का खाद्यान्न देने सोसायटियों ने दिसंबर माह के शुरुआती सप्ताह में ही ई पास मशीन में आन लाइन 15 दिनों के लिये वितरण विकल्प देने अनुमति / आप्शन देने अथवा आफ लाइन अनुमति देने का आग्रह किया था । आन लाइन की अनुमति तो मिली नहीं , आफ लाइन की लिखित अनुमति दिये बिना मौखिक रूप से आफ लाइन खाद्यान्न वितरित करने दबाव बनाया जा रहा है और इससे इंकार करने वाले सोसायटियों से संचालित किये जा रहे उपभोक्ता केंद्रों का संचालन वापस ले स्व सहायता समूहों को सौंपा जा रहा है ।
बीते नवंबर माह का खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित अनेक समितियों के उपभोक्ताओं से मिलने वाली शिकायतों पर छानबीन करने के बाद किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुये बतलाया है कि सोसायटी कर्मियों के अनुसार वे 20 नवंबर तक हड़ताल में थे व खाद्यान्न का भंडारण भी विलम्ब से नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में हुआ था इसलिये सभी उपभोक्ताओं को खाद्यान्न का वितरण नहीं हो पाया था और इसलिये दिसंबर में नवंबर माह के खाद्यान्न वितरण के लिये अनुमति मांगी गयी थी ।
श्री शर्मा ने आगे जानकारी दी है कि इस संबंध में कार्यालय ( खाद्य शाखा ) रायपुर द्वारा भी संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय को बीते 8 दिसंबर को एक पत्र लिखकर खाद्य निरीक्षकों से मिली जानकारी के हवाले से बतलाया गया था कि ई पास एवं तौल मशीनें खराब होने व नवंबर माह का खाद्यान्न विलंब से अंतिम सप्ताह में भंडारण होने की वजह से अधिकांश हितग्राहियों को खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जा सका था इसलिये वंचित हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने समय सीमा में वृद्धि करते हुये दिसंबर माह में अतिरिक्त 15 दिवस बीते नवंबर माह के खाद्यान्न वितरित करने वितरण विकल्प की अनुमति / आप्शन ई पास मशीन में उपलब्ध कराया जावे। इसके जवाब में संचालनालय द्वारा बीते 12 दिसंबर को रायपुर के खाद्य नियंत्रक को पत्र लिख जिला कार्यालय को प्राप्त रिपोर्ट व कितने दूकानों में कितने राशनकार्डधारियो को वितरण शेष होने की जानकारी प्रतिवेदन व प्रस्ताव सहित भेजने का निर्देश दिया था ।
इसके बाद हुये कथित पत्राचार की जानकारी न होने की बात कहते हुये श्री शर्मा ने बतलाया है कि सोसायटी कर्मियों के अनुसार उन्हें मौखिक तौर पर आफ लाइन खाद्यान्न वितरण करने दबाव डाला जा रहा है और इस संबंध में लिखित आदेश मांगने पर हीलहवाला किया जा रहा है तथा मौखिक आदेश का पालन से इंकार करने पर उपभोक्ता केंद्रों का संचालन जनवरी माह शुरू होते ही सोसायटियों से छीन स्व सहायता समूहों को सौंपा जा रहा है । मौखिक आदेश का पालन करने पर वितरित किये जाने वाले खाद्यान्न को शार्टेज दिखाने व इसे सुधरवाने में लंबी प्रक्रिया व होने वाले दिक्कतों की जानकारी कर्मियों से मिलने की बात कहते हुये श्री शर्मा ने कहा है कि एक ओर जब केन्द्र सरकार सोसायटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने अनेक व्यवसायों का दायित्व इन्हें सौंपने की योजना बना रहा है ऐसे में सोसायटियों से उपभोक्ता केंद्रों का दायित्व वापस लेना आश्चर्यजनक है । उन्होंने ई पास मशीन में अनुमति / आप्शन देने अथवा आफ लाईन वितरण हेतु लिखित आदेश सोसायटियों को देने की मांग की है।



